भारतीय सेना में पदस्थ जवान छुट्टी पर कटनी अपने घर आया था और अपने बचपन के दोस्तों के साथ घूमने गया था। इस दौरान दोस्तों को पार्टी देने के लिए कटनी के माधवनगर झिंझरी पुलिस चौकी अंतर्गत एक ढाबे में गया, जहाँ पर पहले से मौजूद 25 से 30 लड़के बर्थडे मना रहे थे। शराब के नशे में पार्टी मना रहे युवकों ने सेना के जवान और उसके दोस्तों से विवाद करते हुए बेहरहमी से मारपीट भी की। चाकू लहराते हुए असामाजिक तत्वों का वीडियो भी सामने आया है। आरोपियों ने आर्मी जवान का आईडी कार्ड छीना और उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की। घटना को अंजाम देने के बाद सभी युवक मौके से फरार हो गए थे।
वहीं इस मामले में झिंझरी पुलिस चौकी के पुलिस अधिकारी ने अपराधियों पर मामूली जमानती धाराओं पर मामला दर्ज किया है।
पीड़ित आर्मी जवान शरद तिवारी ने बताया कि वह भारतीय सेना में है और असम के डिब्रूगढ़ में सिपाही के पद पर पदस्थ है, जो छुट्टियों में अपने घर आया हुआ है और अपने दोस्तों के साथ झिंझरी स्थित हीरा ढाबा में खाना खाने गया हुआ था। ढाबे में कई युवक शराब के नशे में शोर-शराबा कर रहे थे, इस वजह से वे लोग ढाबे के एक केबिन में बैठ गए। जब उसका दोस्त विजय सराफ़ खाने का ऑर्डर देने गया तभी नशे में धुत युवक उसके पास शोर मचाने लगे और विजय ने उन्हें शोर मचाने से मना किया तो आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उनमें से एक युवक ने चाकू से हमला करने की भी कोशिश की, जिसका सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है जिसमें साफ़ देखा जा सकता है। शोर सुनकर दोस्त को बचाने के लिए आर्मी जवान शरद तिवारी जब पहुँचा तब उसके साथ भी युवकों ने मारपीट की और उसके गले से आर्मी का आईडी कार्ड भी छीन लिया। आरोपियों ने उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की।

पीड़ित आर्मी जवान शरद तिवारी और विजय ने यह भी बताया कि इस पूरे घटनाक्रम की जब रिपोर्ट दर्ज कराने वह लोग झिंझरी पुलिस चौकी पहुँचे तो चौकी में ताला लगा हुआ था और कोई भी पुलिसकर्मी पुलिस चौकी में मौजूद नहीं था, जिसकी वीडियो भी उन्होंने बनाई है। इसके बाद मारपीट में घायल आर्मी जवान और उसका दोस्त माधवनगर थाने इस पूरे मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुँचे, लेकिन यहाँ पहले उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। दूसरे दिन सुबह झिंझरी पुलिस चौकी पहुँचकर उन्होंने अपनी रिपोर्ट दर्ज कराई, जहाँ उनके द्वारा दिए गए बयान और वीडियो दिखाने के बाद भी झिंझरी पुलिस चौकी प्रभारी प्रियंका राजपूत ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ मामूली धाराओं पर मामला दर्ज किया। उनके द्वारा बार-बार बताया गया कि उन पर चाकू से हमला करने की कोशिश की गई थी, उसके बाद भी पुलिस अधिकारी ने उनकी नहीं सुनी और आर्मी जवान शरद तिवारी की ओर से की जाने वाली रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई।
इस पूरे मामले में जब एडिशनल एसपी डॉक्टर संतोष डेहरिया से बात की गई तो उनका कहना था कि इस मामले में झिंझरी पुलिस चौकी में आपस में मारपीट का मामला दर्ज किया गया है और तीन आरोपियों को अरेस्ट कर पूछताछ की गई है। उन्होंने पीड़ितों पर चाकू से हमले के आरोप पर कहा कि डॉक्टर द्वारा दी गई रिपोर्ट में चाकू या धारदार हथियार से हमले की पुष्टि नहीं की गई है।