लोन चुकाने के बाद भी 7 माह से फाइनेंस कंपनी कर रही वसूली,साढ़े 12 हजार रुपए के कर्ज के बदले कंपनी ने वसूल लिए 45 हजार रुपए ।
पीड़ित महिला ने वर्ष 2024 में बजाज फाइनेंस कंपनी से एक मोबाइल फाइनेंस करवाया था । महिला को साढ़े 12 हजार रुपए का कर्ज लिया था । जिसका भुगतान उसने जून 2025 में के दिया था और noc भी कंपनी से प्राप्त कर ली थी । लेकिन कर्ज की वसूली अनवरत जारी है और 18 जनवरी 2026 तक महिला के बैंक अकाउंट से पैसे वसूले गए।
पीड़ित महिला वीना बाई ने बताया कि घंटाघर स्थित बजाज फाइनेंस लिमिटेड कंपनी से उसने मोबाइल फाइनेंस करवाया था । उसके बेटे को ऑन लाइन कोचिंग करने के लिए मोबाइल की जरूरत थी । जिसके लिए उसने मोबाइल खरीदा था । आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण ही उसने मोबाइल फाइनेंस करवाया था । कर्ज की राशि 12499 रुपए थी । जिसकी भरपाई करने के बाद भी बजाज फाइनेंस कंपनी द्वारा उसके बैंक ऑफ बडौदा के अकाउंट से 590 रुपए हर माह वसूले जा रहे है ।
किसी महीने में दो बार और कभी चार बार भी एक ही दिन में 590 रुपए उसके अकाउंट से काट लिए गए है । इसकी जानकारी बैंक स्टेटमेंट से पता चलने पर जब कंपनी के अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने चेक बाउंस की पेनल्टी के रूप में रुपए वसूलने की जानकारी दी । लेकिन उसने चेक से पेमेंट की ही नहीं थी । उसने किश्त की राशि कैश पेमेंट से की थी । और उसका कर्ज 2025 जून माह में खत्म हो चुका था । इसके बाद कंपनी से उसे noc भी मिल चुकी है । फिर भी उससे अवैध रूप से वसूली लगातार की जा रही है । 18 जनवरी 2026 को भी उसके बैंक खाते से बजाज फाइनेंस कंपनी द्वारा अवैध रूप से रुपए वसूले गए है ।
इस मामले से यह लगता है कि बजाज फाइनेंस कंपनी पुराने साहूकारों की तर्ज पर काम कर रही है । जो कर्ज देकर आपको अपना बंधुआ मजदूर बना लेती है । बजाज फाइनेंस कंपनी से कर्ज लेने के बाद आप जीवन भर उसके कर्ज की भरपाई करते रहेंगे, लेकिन कर्ज खत्म नहीं होगा । कंपनी की इस लूटमार से आम नागरिकों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बजाज फाइनेंस कंपनी पर बड़ा जुर्माना लगाने के साथ ही सख्त हिदायत भी थी, लेकिन तानाशाह बजाज फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों के लिए शायद सुप्रीम कोर्ट की हिदायत भी कोई मायने नहीं रखती । और यही वजह है कि हिदायत के बाद भी ग्राहकों को लूटने का काम कंपनी द्वारा बदस्तूर जारी है ।
बजाज फाइनेंस कंपनी की हठधर्मिता और तानाशाही से पीड़ित महिला अब न्याय पाने के लिए दर दर भटक रही है । बजाज फाइनेंस कंपनी का यह कोई पहला मामला नहीं है ऐसे कई लोग है जो कंपनी की लूट का शिकार होकर अपनी जमा पूंजी गंवा चुके है । ऐसे मामलों में शिकायत मिलने के बाद भी पुलिस द्वारा कार्यवाही नहीं किया जाना लुटेरी कंपनी के अवैध कृत्य को बढ़ावा देने जैसा ही है । पीड़ित महिला भी कंपनी के खिलाफ शिकायत करने सिटी कोतवाली पहुंची थी जहां से उसे समझाइश देकर भेज दिया गया था । पुलिस द्वारा यदि पीड़िता की शिकायत पर कार्यवाही की जाती तो गरीब महिला के हजारों रुपए बच सकते थे ।