मुकाबले की शुरुआत में डी-वन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया, लेकिन यह निर्णय भारी पड़ गया। मज़बूत शुरुआत के बावजूद टीम बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच पाई और पूरे 20 ओवर खेलते हुए मात्र 133 रन पर ऑल आउट हो गई। डी-टू के गेंदबाज़ों ने सटीक लाइन-लेंथ पर गेंदबाज़ी कर डी-वन के बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम डी-टू ने शुरुआत से ही दबदबा बना लिया। ओपनर ऋषि राठौर ने ज़बरदस्त फॉर्म में खेलते हुए एक के बाद एक चौके-छक्के जड़े और नाबाद 78 रन की बेहतरीन पारी खेलकर टीम को शानदार जीत दिलाई। उनकी बल्लेबाज़ी में आत्मविश्वास, टाइमिंग और क्लास देखने लायक थी।

हालांकि, टीम डी-टू के कप्तान रमाकांत रजक (पप्पू) एक बार फिर निराशाजनक प्रदर्शन करते दिखे। उन्होंने 10 गेंदों का सामना किया, लेकिन एक रन भी नहीं बना पाए। लगातार फ्लॉप होने से दर्शकों में नाराज़गी देखने को मिली और मैदान में “रमाकांत हाय-हाय” के नारे भी गूंज उठे।
मैन ऑफ द मैच रहे ऋषि राठौर, जिन्होंने अकेले अपने दम पर मैच का पासा पलट दिया।
बेस्ट फील्डर का खिताब दीपू निषाद को मिला, जबकि बेस्ट कैच का अवॉर्ड गया कृष्णकांत (बल्लू) यादव को।
टीम डी-वन की कमान कृष्णकांत (बल्लू) यादव के हाथों में थी, जबकि डी-टू की कप्तानी रमाकांत रजक (पप्पू) ने संभाली।
मैच में अंपायर की भूमिका निभाई पटवारी अशोक सिंह और सोनू गुप्ता (श्वेता ट्रेवल्स) ने।