कटनी स्थित दद्दा धाम में चल रहे भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर आज पूरे दिन श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। सुबह से ही भक्तों की भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी, जहां श्रद्धालुओं ने मिलकर पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। मंत्रोच्चार और वेद पाठ के बीच सुबह की आरती संपन्न हुई, जिसके बाद रुद्राभिषेक का आयोजन हुआ।
मंदिर के पट आज विधिवत रूप से भक्तों के लिए खोले गए। जैसे ही दद्दा जी के दर्शन के लिए द्वार खुले, वैसे ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। परिसर में पांव रखने तक की जगह नहीं बची, हर ओर “हर हर महादेव” और “जय श्रीराम” के जयघोष गूंजते रहे।
अनिरुद्धाचार्य महाराज ने की श्रीराम कथा का दिव्य वाचन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा अनिरुद्धाचार्य महाराज का श्रीराम कथा वाचन। उन्होंने प्रभु श्रीराम के जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक घटनाओं का वर्णन करते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों पर विशेष प्रकाश डाला।

महाराज ने कहा कि “प्रभु श्रीराम त्याग, संयम और धर्म के प्रतीक हैं। यदि हम उनके मार्ग का अनुसरण करें तो जीवन में हर कठिनाई का समाधान मिल सकता है।” कथा के दौरान उन्होंने सुंदर भजनों और श्रीराम की बाल लीलाओं का रसपान कराया, जिससे पूरा पंडाल भक्तिभाव से सराबोर हो उठा।
भक्तों से संवाद और जीवन संदेश महाराज ने कथा के बीच भक्तों से संवाद करते हुए उन्हें जीवन में धर्म, मर्यादा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि श्रीराम केवल एक देवता नहीं बल्कि जीवन का आदर्श हैं — जो हर परिस्थिति में कर्तव्य और मर्यादा का पालन सिखाते हैं।
राजनीतिक और धार्मिक हस्तियों की मौजूदगी कार्यक्रम में कई विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा, वरिष्ठ गुरु भाई संजय पाठक और नीरज शास्त्री सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति दद्दा धाम पहुंचे और कार्यक्रम में भाग लिया।
भक्ति का महापर्व बना दद्दा धाम पूरा परिसर भक्ति, संगीत और आध्यात्मिकता से सराबोर रहा। भक्तों के चेहरों पर श्रद्धा का भाव और वातावरण में भजनों की मधुर गूंज थी। आयोजन समिति के अनुसार, आने वाले दिनों में भी धार्मिक अनुष्ठानों और भजन-संध्या के कार्यक्रम जारी रहेंगे। दद्दा धाम का यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और अध्यात्म का संगम बन चुका है। भक्तों के हृदय में अविस्मरणीय स्मृति छूटती जा रही है।