साहित्य, संस्कृति और पुस्तकों के प्रति जनमानस में रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से 13 वें राष्ट्रीय पुस्तक मेला एवं साहित्य महोत्सव का आयोजन 24 दिसंबर से 28 दिसंबर तक साधूराम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर, कटनी में किया गया है। पाँच दिवसीय इस भव्य आयोजन में पुस्तक मेला, साहित्य महोत्सव, स्वदेशी स्टॉल, प्रदर्शनी, पुस्तक विमोचन, पुस्तक समीक्षा, काव्य सम्मेलन तथा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र है।
आयोजन राष्ट्रीय साहित्य पुस्तक मेला समिति, कटनी (म.प्र.) द्वारा किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार मोबाइल और डिजिटल युग में पुस्तकों के महत्व को पुनर्स्थापित करने, सद्साहित्य के प्रचार-प्रसार तथा समसामयिक विषयों पर सार्थक संवाद के उद्देश्य से यह आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है।
महोत्सव का शुभारंभ बुधवार, 24 दिसंबर 2025 को शाम 4:30 बजे हुआ । उद्घाटन अवसर पर मुख्य वक्ता: नरेन्द्र सिंह ठाकुर (अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) मुख्य अतिथि: डॉ. राजेन्द्र कुमार कुररिया (कुलगुरु, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा) एवं अध्यक्षता: आशीष तिवारी (जिलाधीश, कटनी) रहे ।
महोत्सव के 4थे दिन शनिवार, 27 दिसंबर को शाम 5 बजे पुस्तक विमोचन एवं सांस्कृतिक महोत्सव संपन्न हुआ । इस अवसर पर प्रमुख अतिथि प्रियंक कानूनगो (माननीय सदस्य, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, दिल्ली) एवं मुख्य वक्ता शिवनारायण पटेल (सह प्रांत प्रचार प्रमुख) रहे ।मुख्य अतिथि प्रियंक कानूनगो ने महोत्सव दौरान एक युवक के आग्रह पर उसकी नवीन ऑटो की चाबी उसे सौंप कर उसके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दी । प्रियंक कानूनगो ने युवक आशीष खटीक को धर्मांतरण से बचा कर उसे वापस हिन्दू धर्म में लाने का सराहनीय कार्य भी किया था । युवक आशीष को सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन संस्था द्वारा ऑटो फाइनेंस करवाई गई है । आपको बता दे की युवक आशीष खटीक द्वारा धर्म स्वातंत्र्य नियम को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई भी लड़ रहा है ।

महोत्सव में प्रतिदिन शाम 4 बजे से 6 बजे तक वाद-विवाद सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं तथा शाम 5 बजे से 8 बजे तक बच्चों के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे है । महोत्सव का समापन रविवार, 28 दिसंबर 2025 को शाम 5 बजे होगा। आयोजकों ने साहित्यप्रेमियों, विद्यार्थियों, लेखकों, कवियों एवं नगरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस साहित्यिक महोत्सव को सफल बनाएं।