विजयराघवगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष राजेश्वरी हरीश दुबे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जनसेवा केवल पद नहीं बल्कि जिम्मेदारी और समर्पण का नाम है। बुधवार प्रातः काल कड़ाके की ठंड के बावजूद राजेश्वरी हरीश दुवे कई वार्डों का औचक निरीक्षण कर नगर वासियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उनका यह दौरा न केवल प्रशासनिक सक्रियता का परिचायक था बल्कि नागरिकों के प्रति उनके गहरे लगाव और उत्तरदायित्व का भी अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। सफाई पानी बिजली और सड़क रोशनी सभी व्यवस्थाओं का किया प्रत्यक्ष निरीक्षण।
निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने वार्डों में साफ सफाई की स्थिति जाँची घरों तक पानी की आपूर्ति की नियमितता पर चर्चा की सड़क लाइटों की कार्यशीलता का निरीक्षण किया बंद पड़ी कई लाइटों को चिन्हित कर तुरंत बदलने के आदेश दिए नगर परिषद टीम को सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए अध्यक्ष की उपस्थिति से वार्डवासियों में उत्साह दिखा और लोगों ने अपनी समस्याएँ खुलकर सामने रखीं। ये केवल आम नागरिक नहीं… ये मेरा परिवार हैं भावुक हुईं अध्यक्ष दुबे से जब लोगों ने पूछा कि इतनी ठंड में वार्डों का निरीक्षण करना स्वास्थ्य के लिए जोखिम है तो अध्यक्ष राजेश्वरी दुबे ने मुस्कुराकर जो उत्तर दिया, उसने सबके दिल जीत लिए ये लोग आम नागरिक नहीं… यह मेरा परिवार हैं।चाहे कोई किसी भी जाति या धर्म का हो सब मेरे अपने हैं।

इनके लिए क्या ठंड और क्या गर्मी इन्होंने मुझ पर भरोसा किया है और मैं इस भरोसे को कभी टूटने नहीं दूँगी। मूलभूत सुविधाओं के साथ भी यदि इनकी किसी और जरूरत में मदद कर सकूँ तो वह भी पूरी निष्ठा और समर्पण से करूंगी।उनके इस कथन ने वार्ड के लोगों के बीच एक भावनात्मक वातावरण बना दिया। कई बुजुर्गों ने अध्यक्ष के समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्षों बाद उन्हें ऐसा जनप्रतिनिधि मिला है जो वास्तव में लोगों के बीच उतरकर काम कर रही है।राजेश्वरी दुबे की सोच है की नगर की समस्या मेरी समस्या है। जनता बोलने के लिए आए उससे पहले मुझे उनके द्वार पर पहुँच जाना चाहिए |