विजयराघवगढ़-कैमोर नगर में जहां लंबे समय से सफाई व्यवस्था बदहाल पड़ी थी, वहीं अब तस्वीर बदलनी शुरू हो गई है। नगर परिषद अध्यक्ष पलक नमित ग्रोवर ने “स्वच्छ नगर – स्वस्थ नागरिक” के संकल्प के साथ एक नई पहल की शुरुआत की है।
पलक ग्रोवर ने कहा कि अब सफाई सिर्फ कागजों और ऐप तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर हर वार्ड में असली सफाई का असर दिखेगा। नगर के कई हिस्सों में महीनों से नाले-नालियाँ जाम थीं, गंदगी के ढेर और बदबू से लोग परेशान थे, मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया था।
स्थिति देखकर अध्यक्ष पलक ग्रोवर खुद मैदान में उतरीं — जेसीबी मशीन से नालों की सफाई की शुरुआत की और मौके पर रहकर पूरे अभियान की निगरानी की। उन्होंने साफ कहा, “हमारा उद्देश्य केवल स्वच्छता रैंकिंग में नाम लाना नहीं है, बल्कि सच में स्वच्छ नगर बनाना है। दिखावे की नहीं, सच्चाई की स्वच्छता चाहिए।”
अध्यक्ष ने सबसे पहले नगर की गरीब और आदिवासी बस्तियों से सफाई की शुरुआत की। वर्षों से जमी गंदगी को हटवाया, नालियाँ खुलवाईं और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी कराया। लोगों ने इस पहल का जोरदार स्वागत किया और कहा — “पहली बार कोई अध्यक्ष खुद फील्ड में उतरकर सफाई करवा रही हैं।”
नगर परिषद की टीम ने कई वार्डों में जेसीबी लगाकर बड़े नालों और गड्ढों की सफाई शुरू की। सफाई कर्मियों को निर्देश दिए गए कि गंदगी समय पर उठाकर निर्धारित स्थल पर डाली जाए, ताकि बहाव सुचारू बना रहे।
अध्यक्ष पलक ग्रोवर ने मौके पर अधिकारियों को साफ निर्देश दिए — “कोई क्षेत्र उपेक्षित नहीं रहेगा। हमारा मकसद है कि नगर बीमारियों से मुक्त हो और हर गली-मोहल्ला साफ-सुथरा दिखे।”
स्थानीय नागरिकों ने भी कहा कि अध्यक्ष पलक ग्रोवर की यह जमीनी पहल दिखावे से परे है। उन्होंने यह साबित किया है कि अगर जनप्रतिनिधि खुद आगे आएं, तो नगर की सूरत सच में बदली जा सकती है।