सुकराती पिता जौहर गौड़ आदिवासी उम्र 75 वर्ष निवासी ग्राम जटवारा ग्राम पंचायत मतवार पडरिया थाना कुठला ने बताया कि उसके द्वारा गाँव के ही परिवार के व्यक्तियों फूला बाई पत्नी संतू, नन्ही बाई पत्नी अशोक, पूजा बाई पिता संतू, राधा पिता अशोक, नेहा पिता अशोक, अशोक पिता सुक्कू, नगीना पिता अशोक के खिलाफ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन दिया गया था, जिसमें कार्यवाही किये जाने के निर्देश लिखित में थाना प्रभारी कुठला को दिये गये थे। लेकिन कुठला पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई।
वहीं दिनांक 14.11.2025 को दोपहर 1 बजकर 12 मिनट पर 100 डायल पुलिस ने आकर उसे उसकी ही जमीन पर खेती करने से मना कर दिया और गाँव के ही सुजीत आदिवासी सरपंच ग्राम जटवारा को यह कहा गया कि गाँव के लोगों से जिनके पास ट्रैक्टर है, बोल देना कि कोई भी सुकराती की जमीन में ट्रैक्टर लेकर नहीं जाएगा। जबकि उसके विरुद्ध किसी के पास किसी भी तरह का कोई स्थगन आदेश भी नहीं है। इस तरह से गाँव में सरपंच को बुलाकर पुलिस द्वारा मना करने पर उसकी जमीन पर गाँव के कोई भी ट्रैक्टर वाले जुताई नहीं कर रहे हैं।
जिसके कारण उसके सामने भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है। गाँव के जिनके पास ट्रैक्टर है, पुलिस द्वारा मना करने पर कोई भी व्यक्ति किराया देने पर भी जुताई नहीं कर रहा। जिससे पूरी खेती प्रभावित हो गई है। जिससे उसके और परिवार के सामने मरने की स्थिति पैदा हो गई है। ऐसी स्थिति में वह आमरण अनशन करने के लिए विवश हो गया है। उसने तीन मांगों को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन दिया है।
मांगों में मुख्यतः ड्यूटी पर पदस्थ 100 डायल के कर्मचारी आरक्षकगणों के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही किए जाए, कुठला पुलिस द्वारा कार्यवाही न किये जाने का उचित कारण की जानकारी, कुठला पुलिस द्वारा बिना स्थगन आदेश के उसके कार्य को प्रभावित करने के विरुद्ध कार्यवाही संचालित किये जाने की माँगे शामिल हैं।
इन तीन सूत्रीय मांगों पर कार्यवाही न होने पर वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष अनशन करने के लिए बाध्य होगा।
आपको बता दें कि आज जब पुलिस अधीक्षक कार्यालय में वृद्ध ने शिकायत आवेदन दिया तो उसे बगैर सील लगाए पावती दी गई। उसके द्वारा सील लगाने के लिए कहने पर कार्यालय में सील नहीं होने की जानकारी दी गई। जिला कप्तान के कार्यालय में कार्यालय की सील नहीं होना भी चौंकाने वाली बात है।