खजुराहो संसद खेल महोत्सव बना अखाड़ा! खजुराहो जैसे ऐतिहासिक व गरिमामय मंच पर कटनी के खिलाड़ियों के साथ भाजपा नेताओं व पुलिस द्वारा की गई अभद्रता और मारपीट ।
खेल का मैदान सम्मान के लिए होता है, लाठियों और अहंकार के लिए नहीं! खेल मैदान खिलाड़ियों के लिए होता है और खेल मैदान में ही खिलाड़ियों की आवाज़ को कुचलना कितना उचित है वह भी मारपीट के दम पर ।
खजुराहो में खेल महोत्सव के दौरान खिलाड़ियों के साथ घटित हुईं घटना निंदनीय और शर्मनाक है । इसके लिए जिम्मेदार कौन है और जिम्मेदारों पर क्या कार्यवाही की जाएगी, अब इस पर सबकी नजर है ।