नेशनल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (NCIB) ने हाल ही में भारत के 10 सबसे भ्रष्ट सरकारी विभागों की सूची जारी की है। इस सूची का आधार जनता की शिकायतें, मीडिया रिपोर्ट्स और ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल जैसी संस्थाओं की रिपोर्ट है।
2025 के अनुसार भारत के 10 सबसे भ्रष्ट विभाग: 1. पुलिस विभाग- रिश्वतखोरी, फर्जी मामलों में फंसाना और अवैध वसूली के मामले इस विभाग को शीर्ष पर रखते हैं। 2. राजस्व विभाग- जमीन और संपत्ति से जुड़े मामलों में रिश्वत लेना और दस्तावेज़ों में गड़बड़ी की शिकायतें आम हैं। 3. नगर निगम / नगर पालिका- नक्शा पास कराने, अवैध निर्माण में सहयोग, और सफाई जैसी सेवाओं में रिश्वतखोरी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। 4. बिजली विभाग- मीटर रीडिंग में हेरफेर, बिलों में गड़बड़ी और कनेक्शन देने में रिश्वतखोरी की शिकायतें आम हैं। 5. सड़क परिवहन विभाग (RTO)- ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और फिटनेस सर्टिफिकेट देने में भ्रष्टाचार के मामले सामने आते हैं। 6. स्वास्थ्य विभाग- सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी, डॉक्टरों की अनुपस्थिति और मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजने की शिकायतें आम हैं। 7. शिक्षा विभाग- दाखिला प्रक्रिया में गड़बड़ी, अतिरिक्त फीस वसूली और शिक्षकों तथा अधिकारियों की सेटिंग की खबरें लगातार आ रही हैं। 8. आवास एवं शहरी विकास विभाग- भूमि विवाद, अधिग्रहण और निर्माण कार्यों के नाम पर रिश्वतखोरी की घटनाएं सामने आती हैं। 9. कर विभाग (Income Tax, GST)- टैक्स रिटर्न में गड़बड़ी, टैक्स वसूली में अनियमितताएं और अधिकारियों द्वारा रिश्वतखोरी की शिकायतें आम हैं। 10. कस्टम विभाग- इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट और कस्टम ड्यूटी में अनियमितताएं और रिश्वतखोरी के आरोप इस विभाग पर लगते हैं।
यह सूची स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की समस्या गंभीर है। जनता का विश्वास बहाल करने के लिए सरकार और संबंधित विभागों को कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और शिकायत निवारण तंत्र मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।