लखन साहू नामक व्यक्ति पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के प्लॉटिंग करने और लोगों को गुमराह करने के गंभीर आरोप लगे हैं। अब इस मामले में नया खुलासा हुआ है — नगर निगम के पूर्व कमिश्नर नीलेश दुबे ने हमारे चैनल से बातचीत में बताया था कि इस संबंध में पुलिस से एफआईआर के लिए पत्राचार पहले ही किया जा चुका है।”
“यह वही जगह है, जहाँ कथित तौर पर लखन साहू द्वारा अवैध रूप से जमीन की प्लॉटिंग की गई है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पूर्व से निर्मित वैदिक हाईलाइंस के रास्ते को वैध बताकर आम नागरिकों को प्लॉट बेचे।”
“हमारे पास मौजूद नक्शे से यह स्पष्ट होता है कि जिस मार्ग को कॉलोनी की एप्रोच रोड बताया गया, वह दरअसल वैदिक हाईलाइंस के लिए पूर्व से निर्मित रास्ता है।”

“नगर निगम के पूर्व कमिश्नर नीलेश दुबे ने पूर्व में हमारे चैनल को बताया था कि — ‘अवैध प्लॉटिंग की शिकायत पर नगर निगम ने संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने हेतु पत्राचार किया जा चुका है।’”
“ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें यह जमीन वैध कॉलोनी बताकर बेची गई, जबकि बाद में पता चला कि यह पूरी तरह अवैध थी।”
“फिलहाल मामला जांच के अधीन है, लेकिन अब सवाल उठता है कि प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद लखन साहू जैसे लोगों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं?”