कैमोर एसीसी सीमेंट प्लांट में इस वर्ष हुए इंटक यूनियन के चुनाव इतिहास में दर्ज हो गए। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी लाइनें लगीं और श्रमिकों ने रिकॉर्ड तोड़ मतदान कर यह साफ संदेश दिया कि वे मजबूत और जिम्मेदार नेतृत्व चाहते हैं।
जबलपुर से आई पर्यवेक्षक टीम की निगरानी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी रही। दोपहर 12:30 बजे मतदान समाप्त हुआ और 1 बजे जैसे ही मतगणना शुरू हुई, यूनियन कार्यालय के बाहर माहौल और रोमांचक होता गया। परिणाम घोषित होते ही कैमोर में जश्न, तालियाँ और उत्साह की गूँज सुनाई दी। पर्यवेक्षक टीम ने इस चुनाव को “मॉडल चुनाव” जैसा बताया।
समाज सेवा से महासचिव तक — मनीष नावेद की नई पहचान
इंटक यूनियन में सबसे ज्यादा चर्चा रही मनीष नावेद की, जिन्हें महासचिव की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। कैमोर में उनका सफर सिर्फ यूनियन राजनीति तक सीमित नहीं रहा है।
वे लंबे समय से तपस्या ग्रुप के प्रमुख सदस्य के रूप में समाज सेवा से जुड़े रहे हैं—
- गरीब परिवारों के लिए राशन वितरण
- शिक्षा-सहायता कार्यक्रम
- युवा जागरूकता अभियान
- बीमार और जरूरतमंद मरीजों के लिए आर्थिक व औषधीय मदद
- पर्यावरण और सामाजिक सद्भाव को बढ़ाने वाली गतिविधियाँ

इन सभी कार्यों ने उन्हें विश्वास, संवेदनशीलता और सेवा का प्रतीक बना दिया। शायद यही कारण है कि श्रमिकों ने उन्हें नए नेतृत्व के रूप में चुना।
महासचिव बनने के बाद मनीष नावेद का बयान—“मजदूर केवल उद्योग का हिस्सा नहीं, बल्कि उसकी रीढ़ हैं। उनकी समस्याओं का समाधान करना मेरी पहली प्राथमिकता होगी।”यह बयान श्रमिकों में नई उम्मीद जगाने वाला साबित हुआ।
निर्विरोध अध्यक्ष बने पंकज पीडिया — संयम और अनुभव की पहचान अध्यक्ष पद पर पंकज पीडिया निर्विरोध चुने गए। श्रमिकों में उनके शांत स्वभाव, संघर्षशील छवि और संतुलित नेतृत्व को लेकर पहले से ही भरोसा था।उन्होंने कहा— “हमारा लक्ष्य संगठन को मजबूत करना, मजदूरों को उनका अधिकार दिलाना और सभी मुद्दों को संवाद से हल करना है।”
नया नेतृत्व, नई उम्मीदें — श्रमिकों में सकारात्मक माहौल
चुनाव के बाद श्रमिकों के बीच उत्साह साफ देखा गया। उनका कहना है कि—
- यूनियन की कार्यशैली अब और पारदर्शी होगी
- श्रमिकों की आवाज पहले से ज्यादा मजबूती से उठेगी
- समस्याओं का त्वरित समाधान मिलेगा
- प्रबंधन के साथ निष्पक्ष और रचनात्मक संवाद बढ़ेगा
- यूनियन का प्रभाव और दायरा दोनों बढ़ेंगे
नई टीम ने घोषणा की है कि वे मजदूर सुरक्षा, वेतन, चिकित्सा सुविधाएँ और आवास जैसी प्रमुख जरूरतों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाएंगे। साथ ही सरकारी योजनाओं से मजदूरों को जोड़कर यूनियन को मॉडल संगठन बनाने का लक्ष्य रखा गया है।