विजयराघवगढ़ कैमोर बहनगवां धार्मिक आस्था भक्ति और सनातन संस्कृति के संरक्षण का अनुपम दृश्य आज देखने को मिला जब संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ से पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई। श्रद्धा और उत्साह से ओत-प्रोत इस कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
जानकारी के अनुसार 25 दिसंबर 2025 से 01 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाली संगीतामयी श्रीमद्भागवत कथा के उपलक्ष्य में यह कलश यात्रा दोपहर 1 बजे निकाली गई। सिर पर कलश धारण किए श्रद्धालु महिलाएं भजन-कीर्तन करते हुए नगर भ्रमण पर निकलीं। पूरा क्षेत्र हरि नाम और जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंज उठा। यह धार्मिक आयोजन गौरी महिला रामायण मंडल बहनगवां द्वारा आयोजित किया जा रहा है। कथा वाचन आचार्य पं. श्री अनिल उसरलिया जी (झिरिया) के श्रीमुख से किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा को मोक्षदायिनी ज्ञान गंगा के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और जीवन मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
श्रीमती शक्ति सुधीर तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया की 25 दिसंबर श्रीमद्भागवत बेठकी एवं महात्म्य कथा का शुभारम्भ हुआ 26 दिसंबर परीक्षित जन्म 27 दिसंबर ध्रुव चरित्र 28 दिसंबर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव 29 दिसंबर गोवर्धन पूजा 30 दिसंबर रुक्मणी विवाह 31 दिसंबर सुदामा चरित्र एवं हवन पूर्णाहुति 01 जनवरी 2026 नये वर्ष पर ब्राह्मण भोज एवं भंडारा किया जाएगा आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित उपस्थित होकर कथा श्रवण करने एवं पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।कलश यात्रा के साथ ही यह संदेश स्पष्ट हुआ कि धार्मिक परंपराएं आज भी समाज को जोड़ने और संस्कारों को जीवित रखने का कार्य कर रही हैं। श्रद्धा भक्ति और सामाजिक एकता से ओत-प्रोत यह आयोजन क्षेत्र के लिए आध्यात्मिक उत्सव के रूप में यादगार बन रहा है।