महिला एवं बाल विकास विभाग गुनौर में कथित अवैध वसूली का मामला अब खुलकर सामने आ गया है। विभाग से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में महिला बाल विकास में पदस्थ सुपरवाइजर राधा चौरसिया द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से नियमित रूप से पैसे वसूलते देखे जा रहे हैं
गुरुवार शाम 4:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से मीटिंग के नाम पर ₹100 प्रति माह तथा मंगल दिवस और अन्य विभागीय कार्यों के लिए हर महीने 500 से अधिक तय रकम ली जाती रही। सवाल यह है कि यदि यह राशि स्वैच्छिक नहीं थी तो यह किस आदेश के तहत और किसके संरक्षण में वसूली जा रही थी?
वीडियो के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी कीर्ति प्रभा चंदेल, गुनौर की भूमिका को लेकर खड़ा हो गया है। विभागीय जानकारों का कहना है कि बिना उच्च अधिकारियों की जानकारी के इस तरह की वसूली लंबे समय तक चल पाना संभव नहीं है। ऐसे में परियोजना अधिकारी की कार्यप्रणाली भी अब संदेह के घेरे में आ चुकी है।
सूत्रों की मानें तो यह मामला सिर्फ एक सुपरवाइजर तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में फैली कथित ‘कर प्रणाली’ की ओर इशारा करता है। यदि जांच होती है तो कई और नाम सामने आ सकते हैं।
हालांकि विभाग की ओर से अब तक न तो वायरल वीडियो की पुष्टि की गई है और न ही किसी प्रकार की स्पष्ट कार्रवाई की घोषणा हुई है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वीडियो को यूं ही नजरअंदाज किया जाएगा या निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी?
अब निगाहें जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग पर टिकी हैं। अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह मामला विभाग की साख पर बड़ा दाग साबित हो सकता है।