कटनी के पशुपालकों, किसानों की आय बढ़ाने व दुग्ध उत्पादन वृद्धि के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का द्वितीय चरण चलाया जा रहा है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पशुपालकों और किसानों के घर-घर जा रहे हैं।
दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तहत पशुपालकों को पशुओं में नस्ल सुधार, पशु पोषण तथा पशु स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी दी जा रही है। कलेक्टर ने अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है।

गांवों में पहुंचा विभागीय अमला
द्वितीय चरण में जिले के सभी गांवों में दुधारू पशु रखने वाले पशुपालकों से सीधे संपर्क कर संवाद कर रहे हैं।अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक विकासखंड से एक पशु चिकित्सक को मास्टर ट्रेनर के रूप में राज्य स्तर पर प्रशिक्षित किया गया है।
प्रशिक्षण मल्टीमॉडल तथा तीनों पहलू पशु पोषण,पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार में गतिविधि बेस कराया गया है और इन प्रशिक्षित मास्टर नोडल द्वारा इसी प्रकार प्रशिक्षण कटनी जिला मुख्यालय एवं विकासखण्ड में सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, मैत्री एवं गोसेवक को दिया गया है। दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के द्वितीय चरण में 5 से 9 गौवंश एवं भैंसवंश रखने वाले पशुपालकों के यहां प्रशिक्षित विभागीय अमले द्वारा घर जाकर भेंट की जा रही है। साथ ही उन्हें नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य पर जागरूक किया जा रहा है।
दुग्ध समिति गठित करने दी सलाह
उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विकास डॉ आर के सोनी ने विकासखंड बडवारा के ग्राम देवरी में पशुपालकों से संपर्क किया। यहां संवाद के दौरान प्रमुखता से यह विषय आया की देवरी ग्राम में पशुपालन से लोगों का मोह भंग हो रहा है क्योंकि दूध के खरीददार न होने के कारण बहुत कम रेट 25-30 रूपए प्रति लीटर में बेचना पड़ता है। उनको दुग्ध समिति के गठन एवं उसके बनने से होने वाले लाभ से अवगत कराया गया एवं वे समिति के गठन हेतु तैयार हैं।