विजयराघवगढ़ बरही मुख्य मार्ग पर स्थित महानदी पुल की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। पुल पर बने खतरनाक गड्ढे और उखड़ी सड़क किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर विजयराघवगढ़ अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नूर मोहम्मद सिद्धकी ने प्रशासन की लापरवाही पर कड़ा प्रहार किया है। नूर मोहम्मद सिद्धकी ने कहा कि यह पुल अब सिर्फ आवागमन का साधन नहीं रहा बल्कि मौत का रास्ता बन चुका है। किसी बड़ी दुर्घटना के बाद यदि प्रशासन जागा तो वह माफी के काबिल नहीं होगा। समय रहते सुधार कार्य कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
अधिवक्ता संघ अध्यक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह वही मार्ग है जिससे स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि प्रतिदिन आवागमन करते हैं बावजूद इसके पुल की दुर्दशा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। पुल पर बने गहरे गड्ढे दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहनों के लिए जानलेवा साबित हो सकता हैं।उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि किसी दिन इस पुल पर जनहानि होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की होगी। लापरवाही नहीं, तत्काल कार्रवाई जरूरी नूर मोहम्मद सिद्धकी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अब सिर्फ निरीक्षण और फाइलों में नोटिंग से काम नहीं चलेगा। तत्काल मरम्मत और सड़क सुधार कार्य शुरू किया जाना चाहिए, ताकि आम नागरिकों की जान सुरक्षित रह सके।
जनहित से जुड़ा सवाल, अब भी नहीं जागे तो अधिवक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि किसी भी अप्रिय घटना से पहले पुल की मरम्मत कराई जाए और स्थायी समाधान निकाला जाए। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो अधिवक्ता संघ एवं स्थानीय नागरिक आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।अब देखना यह है कि प्रशासन चेतावनी को गंभीरता से लेता है या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करता है।