पन्ना। कलेक्ट्रेट परिसर में 13 दिसंबर 2025 को ओबीसी महासभा ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने ओबीसी आरक्षण को 13 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत लागू करने, चुनाव के दौरान किए गए वादे के अनुसार धान का समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल एवं गेहूं का ₹2700 प्रति क्विंटल तत्काल लागू करने, साथ ही संतोष वर्मा के खिलाफ की गई कार्रवाई का कड़ा विरोध दर्ज कराया।
ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि संतोष वर्मा ने सामाजिक समरसता और संवैधानिक अधिकारों के समर्थन में अपनी बात रखी थी, लेकिन उनके वक्तव्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करते हुए उनके विरुद्ध एकतरफा दंडात्मक कार्रवाई की गई। संगठन का आरोप है कि यह कार्रवाई अन्यायपूर्ण है और इससे समाज में असंतोष व भ्रम की स्थिति बन रही है।
महासभा ने चेतावनी दी कि यदि संतोष वर्मा के खिलाफ की गई कार्रवाई को शीघ्र वापस नहीं लिया गया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो संगठन प्रदेश स्तर से लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इसके साथ ही ओबीसी महासभा ने जिला अस्पताल में की गई भर्तियों को लेकर पूर्व में की गई शिकायतों पर अब तक कोई जांच या कार्रवाई न होने पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की।
इस अवसर पर रामभगत कुशवाहा (जिला अध्यक्ष, ओबीसी महासभा पन्ना) के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम में नाथू सिंह यादव (जिला संयोजक), परशुराम पटेल (विधानसभा अध्यक्ष), बृजेश रैकवार (कार्यकारी अध्यक्ष), एडवोकेट शैलेश विश्वकर्मा (जिला प्रवक्ता), देवी दिन कुशवाहा, सुनील टाइगर (जिला अध्यक्ष, भीम आर्मी एकता मिशन), मुकेश गौड़ (जिलाध्यक्ष, जयस संगठन), एडवोकेट सोनी लाल प्रजापति, एडवोकेट नंदकिशोर अहिरवार, संगीता पटेल एडवोकेट सहित अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सभी संगठनों ने शासन से मांग की कि संपूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर न्यायसंगत निर्णय लिया जाए, ताकि समाज में किसी भी प्रकार का तनाव और भ्रम उत्पन्न न हो।