कटनी। जिला अस्पताल में 108 एंबुलेंस सेवा इन दिनों पूरी तरह ठप पड़ी है। हालात ऐसे हैं कि गंभीर मरीजों को डॉक्टर जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर तो रहे हैं, लेकिन उन्हें ले जाने के लिए एंबुलेंस ही नहीं मिल रही। प्रशासन की इस लापरवाही ने न केवल अस्पताल प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि मरीजों की जिंदगी से सीधा खिलवाड़ हो रहा है।
सोमवार को ही आधा दर्जन से ज़्यादा मरीजों को जबलपुर रेफर किया गया, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी उन्हें एंबुलेंस नहीं मिल सकी। मरीजों के परिजन अस्पताल परिसर में इधर-उधर भटकते रहे, किसी ने प्रशासन से गुहार लगाई, तो किसी ने खुद से निजी एंबुलेंस का इंतज़ाम करने की कोशिश की।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिला अस्पताल के परिसर में दो-दो एंबुलेंस खड़ी थीं, फिर भी स्टाफ यह कहता रहा कि “एंबुलेंस नहीं है।” सवाल ये उठता है कि जब वाहन मौजूद हैं, तो मरीजों को सेवा क्यों नहीं दी जा रही?
परिजनों का आरोप है कि जानबूझकर 108 सेवा को ठप रखा जा रहा है ताकि निजी एंबुलेंस संचालकों को फ़ायदा पहुँचे। कई लोगों का कहना है कि रेफर किए गए मरीजों को समय पर एंबुलेंस न मिलने की वजह से कई बार उनकी हालत और बिगड़ जाती है।
अगर जिला प्रशासन इस पूरे मामले की जांच करे, तो यह साफ़ हो जाएगा कि कैसे लापरवाही और मनमानी के चलते एक सरकारी सुविधा “सेवा” से “सज़ा” बन चुकी है।