प्रधान आरक्षक और आरक्षक सहित चार संदेही, एक आरोपी गिरफ्त में, बाकी फरार, रिश्वत की कुल राशि 30 हजार का मामला, लोकायुक्त की कार्यवाही चली देर रात तक।
पन्ना जिले के थाना अमानगंज से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर—लोकायुक्त सागर की टीम ने बीती रात करीब 10 बजे 40 मिनट पर छापेमार कार्यवाही करते हुए 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए ग्राम रक्षा समिति के सदस्य राममोल नामदेव को रंगे हाथ पकड़ लिया।
मामला एक बाल विवाह रोकने की कार्रवाई से जुड़ा है। दरअसल, 27 मई को ग्रामवासी श्यामसुंदर गौड़ के घर पर नाबालिग भाई का विवाह हो रहा था। जिला बाल विवाह नियंत्रण टीम मौके पर पहुंची और विवाह रुकवा दिया। इसके बाद जानकारी अमानगंज थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक मुकेश सोनी तक पहुंची। यहीं से शुरू हुआ दबाव और वसूली का खेल।

श्यामसुंदर गौड़ को थाने बुलाकर प्रधान आरक्षक मुकेश सोनी ने कार्रवाई का डर दिखाया और मामले को रफा-दफा करने के लिए 50 हजार रुपये की मांग कर डाली। सौदेबाजी 45 हजार पर तय हुई। पीड़ित से पहली किस्त के तौर पर 15 हजार वसूले भी जा चुके थे। इसके बाद बाकी रकम लेने का जाल बिछा, लेकिन इस बार पीड़ित ने लोकायुक्त टीम को सूचना दी।
बीती रात लोकायुक्त ने छापा मारा और एक आरोपी राममोल नामदेव पकड़ा गया। जबकि प्रधान आरक्षक मुकेश सोनी, आरक्षक सतीष श्रीवास और रामलाल सोनी मौके से फरार हो गए।
लोकायुक्त सागर की टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, इस कार्रवाई पर अब सवाल भी उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी कार्यवाही से पहले ही जानकारी कैसे लीक हो गई, जिससे मुख्य आरोपी और उसके साथी भाग निकले।